नई दिल्ली। मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सेवा कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का बहुप्रतीक्षित आईपीओ 21 अक्टूबर 2026 को खुलेगा। कंपनी ने आईपीओ के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है। यह इश्यू 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा, जबकि एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने की तारीख 19 अक्टूबर निर्धारित की गई है।
27 करोड़ तक नए शेयर होंगे जारी
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। प्रत्येक शेयर का फेस वैल्यू 10 रुपये है। इस इश्यू में मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव शामिल नहीं है। कंपनी नए शेयर जारी करके पूंजी जुटाएगी।
कर्मचारियों और रिलायंस के शेयरधारकों को भी मौका
आईपीओ में पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित किए गए हैं। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित होंगे। इस तरह दोनों श्रेणियों के लिए कुल 3,000 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित किए गए हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के वे पात्र शेयरधारक इस श्रेणी के तहत आवेदन कर सकेंगे, जिनके पास 14 अक्टूबर 2026 को कंपनी के सार्वजनिक इक्विटी शेयर थे। इसके लिए निर्धारित पात्रता शर्तों और नियामकीय नियमों का पालन करना होगा।
जून में जमा किया गया था शुरुआती दस्तावेज
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 19 जून 2026 को जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल करने की जानकारी दी थी। इसके बाद 28 अगस्त को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से ऑब्जर्वेशन लेटर मिला। अब RHP दाखिल होने के साथ आईपीओ की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है।
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल होने की संभावना रखता है। निवेशकों की नजर अब आईपीओ की अंतिम शर्तों, शेयर आवंटन और बाजार में लिस्टिंग पर रहेगी।




