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2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन, 2040 में चांद पर उतरेगा भारतीय: पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पेरिस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष सम्मेलन को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए भारत के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशनों का खाका सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य वर्ष 2035 तक अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करना और 2040 तक एक भारतीय को चंद्रमा की सतह पर उतारना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में तेजी से अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रहा है। उन्होंने फ्रांस और सम्मेलन में शामिल अन्य देशों को भारत की अंतरिक्ष यात्रा में साझेदार बनने का आह्वान किया। मोदी ने अंतरिक्ष अनुसंधान और अन्वेषण के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।

भारत के स्पेस विजन 2047 के तहत 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (Bharatiya Antariksh Station) स्थापित करने और 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय मानव मिशन का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए गगनयान के आगे के मिशन, अंतरिक्ष स्टेशन के शुरुआती मॉड्यूल, चंद्रयान-4 और अगली पीढ़ी के प्रक्षेपण यान जैसी परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

चंद्रयान-4 मिशन को चंद्रमा पर उतरने, वहां से नमूने एकत्र करने और उन्हें सुरक्षित पृथ्वी पर वापस लाने की तकनीक विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार के अनुसार यह मिशन भविष्य में भारतीय मानव को चंद्रमा पर भेजने की आवश्यक तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करेगा।

प्रधानमंत्री का यह संबोधन ऐसे समय हुआ है जब भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ अत्याधुनिक अनुसंधान और मानव अंतरिक्ष उड़ान पर भी जोर दे रहा है। ISRO ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि निजी भागीदारी बढ़ने के बावजूद उसका महत्व कम नहीं होगा। संगठन का मुख्य फोकस उन्नत अनुसंधान, नई तकनीक, मानव अंतरिक्ष उड़ान, डीप-स्पेस और ग्रहों के मिशनों पर रहेगा।

भारत के इन लक्ष्यों को अंतरिक्ष क्षेत्र में देश को एक प्रमुख वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

 

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