छुट्टियों में भी चलेगी जांच, सुबह नौ से शाम सात बजे तक मशीनों की होगी पड़ताल
हल्द्वानी। विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के बीच निर्वाचन विभाग ने तैयारियों का पहिया तेज कर दिया है। मतदान में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को जांच की कसौटी पर कसने की प्रक्रिया शुक्रवार से हल्द्वानी में शुरू होगी। मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच में खामी मिलने की आशंका को दूर करने और उनके प्रमाणन के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के अधिकृत इंजीनियर मोर्चा संभालेंगे।
हल्द्वानी स्थित ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस में होने वाली इस प्रक्रिया के तहत चुनाव में इस्तेमाल की जाने वाली मशीनों की निर्धारित मानकों के अनुसार जांच की जाएगी। अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी विवेक राय ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत प्रथम स्तरीय जांच अनिवार्य है। जांच में प्रमाणित मशीनों का ही लोकसभा और विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल किया जाता है।
रविवार और अवकाश में भी काम
जांच का सिलसिला 23 अक्टूबर से कार्य समाप्त होने तक जारी रहेगा। इसके लिए प्रतिदिन सुबह नौ बजे से शाम सात बजे तक का समय तय किया गया है। खास बात यह है कि रविवार और सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी जांच नहीं रुकेगी। निर्वाचन विभाग का लक्ष्य चुनावी प्रक्रिया से पहले मशीनों की जांच और प्रमाणन का काम निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरा करना है।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी बनेंगे गवाह
ईवीएम और वीवीपैट की जांच पर जिला निर्वाचन अधिकारी के साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी और भारत निर्वाचन आयोग के स्तर से भी निगरानी रखी जाएगी। मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों से अपने अधिकृत प्रतिनिधि भेजने की अपील की गई है, ताकि वे जांच प्रक्रिया के साक्षी बन सकें।
निर्वाचन विभाग के मुताबिक, प्रथम स्तरीय जांच आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों का अहम हिस्सा है। मशीनों की जांच और प्रमाणन के बाद ही चुनाव में उनके इस्तेमाल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।





