धारचूला (पिथौरागढ़)। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित आदि कैलाश में पहली बार वाहनों का लंबा जाम लगने से पर्यटकों और श्रद्धालुओं को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब 14,500 फीट की ऊंचाई पर सोमवार को वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और हालिया भारी बर्फबारी को जाम की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
आदि कैलाश क्षेत्र में हाल में तीन से चार फीट तक बर्फबारी हुई थी। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने जेसीबी की मदद से सड़क से बर्फ हटाकर यातायात बहाल किया, लेकिन सड़क के दोनों किनारों पर बर्फ के बड़े ढेर अब भी जमा हैं। इससे सड़क की प्रभावी चौड़ाई कम हो गई है और आमने-सामने आने वाले वाहनों को निकलने में दिक्कत हो रही है।
बढ़ते वाहनों से बढ़ी समस्या
आदि कैलाश मार्ग के ऐलागाड़, कुलागाड़, एस बैंड और मलघाट जैसे कई हिस्से पहले से ही संकरे हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या के साथ निजी वाहनों का दबाव भी तेजी से बढ़ा है। ऐसे में किसी एक स्थान पर वाहन रुकने से पीछे तक वाहनों की कतार लग जाती है और जाम लंबा होता चला जाता है।
आदि कैलाश करीब 4,420 मीटर की ऊंचाई पर है। बीआरओ की ओर से सड़क को बेहतर किए जाने और कई हिस्सों में डामरीकरण के बाद यहां वाहनों की आवाजाही पहले की तुलना में आसान हुई है। इसका असर श्रद्धालुओं की संख्या पर भी पड़ा है।
तीन साल में तीन गुना से अधिक बढ़े यात्री
आदि कैलाश आने वाले यात्रियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। आंकड़ों के अनुसार 2023 में 10,079, 2024 में 29,423 और 2025 में 31,558 यात्रियों ने यात्रा की थी। वर्ष 2026 में अब तक जारी इनर लाइन परमिट की संख्या 61,950 तक पहुंच चुकी है।
पिथौरागढ़ के एसपी अक्षय प्रह्लाद कोंडे के अनुसार, क्षेत्र में वाहनों का दबाव बढ़ा है और पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था सुचारु करने में जुटे हैं। फिलहाल बर्फबारी के कारण जाम की समस्या सामने आ रही है और इसके समाधान की योजना बनाई जा रही है।





