नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सशस्त्र बलों और फिल्म उद्योग के बीच बढ़ते सहयोग को राष्ट्रहित में सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि सिनेमा देशभक्ति, सैन्य पराक्रम और राष्ट्रीय मूल्यों को समाज तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि सेना और फिल्म जगत के बीच बेहतर तालमेल से आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं में सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान और प्रेरणा का भाव मजबूत होगा।
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता, अनुशासन और बलिदान की गाथाएं फिल्मों के माध्यम से व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचती हैं। इससे न केवल सेना की वास्तविक कार्यशैली और चुनौतियों की जानकारी मिलती है, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना भी सुदृढ़ होती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में यह सकारात्मक समन्वय और अधिक मजबूत होगा।
रक्षा मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि फिल्म निर्माण में सैन्य विषयों की प्रस्तुति जिम्मेदारी और तथ्यपरकता के साथ की जानी चाहिए, ताकि दर्शकों के सामने सशस्त्र बलों की वास्तविक छवि उभरकर आए। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की गौरवशाली परंपराओं तथा उनके योगदान को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत करने में फिल्म उद्योग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कहा कि देश के सुरक्षा बल केवल सीमाओं की रक्षा ही नहीं करते, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं, मानवीय संकटों और राष्ट्रीय आपात स्थितियों में भी उल्लेखनीय योगदान देते हैं। ऐसे प्रेरक कार्यों को फिल्मों और अन्य दृश्य माध्यमों के जरिए जन–जन तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।
राजनाथ सिंह ने विश्वास जताया कि सशस्त्र बलों और फिल्म उद्योग के बीच बढ़ता सहयोग राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति और नागरिकों के मन में सेना के प्रति सम्मान की भावना को और सुदृढ़ करेगा। उन्होंने इसे राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सार्थक और सकारात्मक पहल बताया।





