नई दिल्ली, (संवाददाता)। कांग्रेस सांसद शशि थरूर के जम्मू-कश्मीर को लेकर दिए गए बयान ने पार्टी के भीतर नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। थरूर के हालिया कश्मीर दौरे और “घाटी में सामान्य स्थिति की ओर प्रगति” संबंधी टिप्पणी पर कांग्रेस के ही नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है।
जानकारी के अनुसार, शशि थरूर ने श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात के बाद कहा था कि राज्य में “नॉर्मलसी की ओर उत्साहजनक प्रगति” देखने को मिल रही है। इस टिप्पणी को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आया है।
कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई के मुख्य प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने थरूर के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि थरूर को केवल प्रशासनिक बैठकों तक सीमित रहने के बजाय कश्मीर घाटी के लोगों से भी मिलना चाहिए था, ताकि जमीनी हकीकत को बेहतर तरीके से समझा जा सके। शर्मा ने आरोप लगाया कि वास्तविक स्थिति को नजरअंदाज करना उचित नहीं है।
पार्टी के भीतर कई नेताओं ने भी अप्रत्यक्ष रूप से थरूर के बयान से असहमति जताई है। उनका कहना है कि जम्मू-कश्मीर में हालात को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दृष्टिकोण हो सकते हैं, लेकिन किसी भी सार्वजनिक टिप्पणी में संवेदनशीलता का ध्यान रखा जाना चाहिए।
यह पहली बार नहीं है जब शशि थरूर के बयान को लेकर कांग्रेस के भीतर विवाद खड़ा हुआ हो। इससे पहले भी उनके कई बयानों—विशेषकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना या सरकार की नीतियों पर सकारात्मक टिप्पणी—को लेकर पार्टी में असहजता और बहस देखी गई है।
थरूर के हालिया रुख को लेकर पार्टी के भीतर एक बार फिर “लाइन से अलग बयान” और “स्वतंत्र राजनीतिक दृष्टिकोण” की बहस तेज हो गई है। हालांकि, थरूर की ओर से इस ताजा विवाद पर अब तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद कांग्रेस के भीतर विचारों की विविधता और नेतृत्व के बीच बढ़ते मतभेदों को एक बार फिर उजागर करता है।
कुल मिलाकर, शशि थरूर का जम्मू-कश्मीर पर दिया गया बयान अब कांग्रेस के लिए एक नया राजनीतिक मुद्दा बन गया है, जिससे पार्टी के भीतर चर्चा और तेज होने की संभावना है।





