वाशिंगटन। अमेरिका में मध्यावधि चुनाव से पहले ओहियो के गवर्नर पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी के विवादित चुनावी विज्ञापन को लेकर पार्टी में घमासान मचा हुआ है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने आलोचनाओं के बावजूद रामास्वामी का समर्थन किया है। वहीं, ओहियो के कई प्रमुख रिपब्लिकन नेताओं ने विज्ञापन को अनुचित बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। इस विवाद से रिपब्लिकन पार्टी के दूसरे उम्मीदवारों के चुनाव प्रचार पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी को लेकर विवाद
विवादित विज्ञापन में रामास्वामी की डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी एमी एक्टन की अलग रह रही मां डोना आर्थर दिखाई देती हैं। विज्ञापन में वह अपनी बेटी पर झूठ बोलने का आरोप लगाती हैं और मतदाताओं से उन्हें गवर्नर नहीं चुनने की अपील करती हैं।
एमी एक्टन ने अपने बचपन में कठिन परिस्थितियों और यौन शोषण का सामना करने की बात कही है। उनके अनुसार, उनके सौतेले पिता ने बचपन में उनका यौन शोषण किया था। इस मामले में सौतेले पिता पर आपराधिक आरोप भी लगे थे। एक्टन का कहना है कि उनकी मां के साथ उनका संपर्क दशकों से नहीं है। उनके भाई ने भी बहन के बचपन से जुड़े बयानों का समर्थन किया है।
एक्टन ने विज्ञापन को अपने बचपन के दर्दनाक अनुभवों का राजनीतिक इस्तेमाल बताया है। इस विज्ञापन की आलोचना डेमोक्रेटिक नेताओं के साथ-साथ कई रिपब्लिकन नेताओं ने भी की है।
ट्रंप और वेंस ने क्यों किया समर्थन?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विज्ञापन का बचाव करते हुए कहा कि राजनीतिक प्रचार में ऐसे विज्ञापन का इस्तेमाल करने में उन्हें कोई समस्या नहीं दिखती। उन्होंने रामास्वामी को विज्ञापन जारी रखने का समर्थन भी दिया।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी रिपब्लिकन नेताओं से विवाद पर शिकायत करने के बजाय चुनाव जीतने पर ध्यान देने को कहा। वेंस और रामास्वामी के बीच पुराने राजनीतिक संबंध भी रहे हैं।
रिपब्लिकन नेताओं ने जताई नाराजगी
ओहियो के रिपब्लिकन गवर्नर माइक डिवाइन ने विज्ञापन को गलत बताते हुए इसे हटाने की अपील की है। सीनेटर जॉन हस्टेड ने भी कहा कि वह ऐसा विज्ञापन नहीं चलाते। रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने भी रामास्वामी की आलोचना की है।
विज्ञापन को प्रसारित करने के लिए रामास्वामी के अभियान ने करीब चार मिलियन डॉलर खर्च करने की योजना बनाई है। विवाद ऐसे समय में बढ़ा है, जब तीन नवंबर को अमेरिका में मध्यावधि चुनाव होने हैं।
ओहियो से आगे भी पड़ सकता है असर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद ओहियो में गवर्नर पद की दौड़ से आगे भी रिपब्लिकन पार्टी के लिए चुनौती बन सकता है। राज्य में सीनेट की महत्वपूर्ण सीट के लिए भी मुकाबला जारी है। पार्टी के कुछ नेताओं को आशंका है कि विवाद के कारण मतदाताओं का ध्यान आर्थिक और अन्य प्रमुख मुद्दों से हट सकता है।
हालांकि, चुनाव में इस विवाद का वास्तविक असर क्या होगा, यह मतदान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।





