इंफाल। मणिपुर में लगातार हो रही हत्याओं और राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने में सरकार की कथित नाकामी के विरोध में शुक्रवार शाम घाटी के पांच जिलों में हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बर्तन बजाकर, बिजली के खंभों पर हथौड़े मारकर और वाहनों के हॉर्न बजाकर अपना आक्रोश जताया। लोक भवन के पास जमा प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के कई गोले दागे। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान किसी के घायल होने या हिंसा की सूचना नहीं मिली।
इंफाल के विभिन्न इलाकों में शाम 7:30 से 8 बजे के बीच प्रदर्शनकारियों ने अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। कई लोग ढोल लेकर सड़कों पर उतरे और उसे बजाकर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं, ताकि नेता उनका दर्द सुन सकें। उनका आरोप था कि लंबे समय से विभिन्न मांगें उठाने के बावजूद उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
कांगला की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारी पूर्ववर्ती मणिपुर राज्य के ऐतिहासिक राजनीतिक और सांस्कृतिक केंद्र कांगला की ओर बढ़े। यह स्थान लोक भवन और मुख्यमंत्री सचिवालय के नजदीक स्थित है। सुरक्षा बलों ने पैलेस कंपाउंड, मोइरांगखोम और केसामपत जंक्शन पर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की।
हालांकि, सैकड़ों प्रदर्शनकारी कांगला के द्वार तक पहुंच गए। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग परिसर में दाखिल हो गए और अपना विरोध जारी रखा। प्रदर्शन के दौरान शाम करीब 7:50 बजे इंफाल में लगभग 10 मिनट के लिए बत्तियां भी बंद कर दी गईं।
बाद में लोक भवन के पास जमा लोगों को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। रात आठ बजे के बाद इलाके में बैरिकेडिंग भी कर दी गई।
फेडरेशन ऑफ हाओमी ने किया था आह्वान
इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन नागरिक समाज संगठन फेडरेशन ऑफ हाओमी के आह्वान पर किया गया था। संगठन ने लोगों से राज्य में जारी जातीय संघर्ष, लगातार हो रही हत्याओं और शांति बहाली में कथित विफलता के विरोध में आवाज उठाने की अपील की थी।
थौबल हिंसा मामले में तीसरी गिरफ्तारी
इस बीच, मणिपुर पुलिस ने थौबल जिले में पिछले रविवार को दो समुदायों के बीच हुई झड़प के मामले में एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इस घटना में गोली लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार, मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए तीसरे आरोपी को अदालत ने 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।





