नैनीताल। Nainital में वन मंत्री ने मानसून सीजन के मद्देनज़र ‘ऑपरेशन मॉनसून’ की शुरुआत की। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बरसात के दौरान वन क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, आपदा प्रबंधन को मजबूत करना और वन संपदा को नुकसान से बचाना बताया गया है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मानसून के दौरान भूस्खलन, पेड़ गिरने और जंगलों में अवैध गतिविधियों की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में इस विशेष अभियान के तहत वन क्षेत्रों में निगरानी को सघन किया जाएगा और संवेदनशील इलाकों में त्वरित प्रतिक्रिया टीमों को सक्रिय रखा जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान वन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वन विभाग को मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन इकाइयों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना होगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि ‘ऑपरेशन मॉनसून’ के तहत वन क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई जाएगी, जोखिम वाले मार्गों की पहचान की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्थायी रूप से बंद भी किया जा सकता है। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जाएगी।
इस अवसर पर यह भी बताया गया कि मानसून के दौरान वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास प्रभावित होने की संभावना रहती है, जिसे देखते हुए वन्यजीव संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि अभियान के तहत सभी संबंधित विभाग मिलकर काम करेंगे ताकि वन संपदा और मानव जीवन दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अभियान को Operation Monsoon के रूप में लागू किया गया है और इसे मानसून अवधि के दौरान लगातार संचालित किया जाएगा।





