Top 5 This Week

Related Posts

उत्तराखंड जल्द बनेगा पूर्ण साक्षर राज्य, 98% से अधिक पहुंचा साक्षरता दर का आंकड़ा

देहरादून। उत्तराखंड शीघ्र ही देश का पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया जा सकता है। राज्य सरकार ने दावा किया है कि राज्य में साक्षरता दर 98 प्रतिशत से अधिक पहुंच चुकी है और सभी आवश्यक मानकों को पूरा कर लिया गया है। केंद्र सरकार कीउल्लास (ULLAS) – न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्रामके तहत यह उपलब्धि हासिल करने की दिशा में राज्य ने निर्णायक प्रगति की है।

शिक्षा विभाग के अनुसार, राज्य में चलाए गए व्यापक साक्षरता अभियान, विशेषकर वयस्क शिक्षा कार्यक्रमों और ग्रामीण क्षेत्रों में किए गए विशेष प्रयासों के कारण यह सफलता संभव हो पाई है। अभियान के तहत महिलाओं, अनुसूचित जातिजनजाति और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों पर विशेष ध्यान दिया गया।

शिक्षा मंत्री के अनुसार, राज्य ने निर्धारित 95 प्रतिशत की न्यूनतम साक्षरता दर की शर्त को काफी पहले ही पार कर लिया था और अब 98 प्रतिशत से अधिक साक्षरता दर के साथ अंतिम प्रस्ताव को मंजूरी की प्रक्रिया में भेजा जा रहा है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि उल्लास कार्यक्रम के अंतर्गत घरघर सर्वे, डिजिटल लर्निंग ऐप, स्वयंसेवी शिक्षकों की भागीदारी और सामुदायिक सहयोग ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने में अहम भूमिका निभाई है। राज्यभर में चलाए गए विशेष अभियान के तहत निरक्षर लोगों को बुनियादी पढ़ाईलिखाई और गणना कौशल से जोड़ा गया।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा पाने के बाद उत्तराखंड देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो जाएगा, जिन्होंने इस उपलब्धि को हासिल किया है। इससे राज्य की सामाजिकआर्थिक प्रगति और मानव विकास सूचकांक में भी सुधार की उम्मीद है।

सरकार का मानना है कि यह उपलब्धि केवल शिक्षा क्षेत्र की बड़ी सफलता है, बल्किविकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

Popular Articles