नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शनों में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को प्रमुखता मिलने से कांग्रेस के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कुछ पदाधिकारियों में नाराजगी सामने आई है। असंतोष जताते हुए संगठन के एक सदस्य ने आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप का नाम बदलकर ‘We The Chhotu’ रख दिया। यह नाम करीब तीन दिनों तक बना रहा।
मामला 12 अक्टूबर को दिल्ली में इंडिया गठबंधन के नेताओं की ओर से किए गए मार्च से जुड़ा है। विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी।
मार्च में नेहा बोरा की मौजूदगी बनी चर्चा का विषय
मार्च के दौरान नेहा बोरा कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ आगे चलती दिखाई दीं। राहुल गांधी भी उनके साथ मौजूद थे। इसके बाद नेहा बोरा को वरिष्ठ नेताओं के साथ बस में और प्रदर्शन के दौरान एक ट्रक पर भी देखा गया। बाद में उन्होंने राहुल गांधी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी हिस्सा लिया।
बताया जाता है कि इन कार्यक्रमों में नेहा बोरा को मिली प्रमुखता से NSUI के कुछ पदाधिकारी असहज थे। उनका मानना था कि प्रदर्शन की तैयारियों और भीड़ जुटाने में संगठन के कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होने के बावजूद उन्हें अपेक्षित पहचान नहीं मिली।
व्हाट्सएप ग्रुप के नाम से जताया असंतोष
रिपोर्टों के अनुसार, NSUI के एक सदस्य ने संगठन के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप का नाम बदलकर ‘We The Chhotu’ कर दिया। ‘छोटू’ शब्द का इस्तेमाल यहां कथित तौर पर छोटे कार्यकर्ता या दूसरों के लिए काम करने वाले व्यक्ति के अर्थ में किया गया।
बताया गया कि राहुल गांधी से मुलाकात के बाद ग्रुप का नाम दोबारा बदल दिया गया। हालांकि, NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने नेहा बोरा को लेकर संगठन में नाराजगी होने से इनकार किया है।
राजनीतिक संगठनों के बीच चर्चा
AISA वामपंथी विचारधारा से जुड़ा छात्र संगठन है, जबकि NSUI कांग्रेस का छात्र संगठन है। राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों के साझा कार्यक्रमों में दोनों संगठनों की भागीदारी रहती है, लेकिन विश्वविद्यालयों और छात्र राजनीति में दोनों के बीच प्रतिस्पर्धा भी होती है।
नेहा बोरा को लेकर सामने आया यह घटनाक्रम कांग्रेस और उसके छात्र संगठन के भीतर कार्यकर्ताओं की भूमिका, पहचान और नेतृत्व के साथ उनकी भागीदारी को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।





