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यूजीसी-नेट में गड़बड़ियों पर शिक्षा मंत्री ने एनटीए को लगाई फटकार

नई दिल्ली। यूजीसी-नेट जून 2026 की परीक्षा में सामने आई गंभीर अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। मंत्री ने परीक्षा की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने में हुई चूक पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

एनटीए ने अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा में गड़बड़ियों को स्वीकार करते हुए इन विषयों की दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया है। विशेषज्ञ समिति की समीक्षा में प्रश्नपत्रों में दोहराए गए सवालों, तथ्यात्मक त्रुटियों, टाइपिंग और अनुवाद संबंधी खामियों का पता चला। समाजशास्त्र के प्रश्नपत्र में बड़ी संख्या में सवाल पूर्व परीक्षा से हूबहू या लगभग समान पाए गए।

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, जोशी ने एनटीए के महानिदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि ऐसी लापरवाही दोबारा नहीं होनी चाहिए और परीक्षार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

एनटीए ने प्रभावित तीन विषयों के लिए पुनर्परीक्षा का कार्यक्रम भी जारी किया है। अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र के अभ्यर्थियों से दोबारा परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। शेष विषयों की परीक्षा इससे प्रभावित नहीं होगी। पुनर्परीक्षा सितंबर में प्रस्तावित है।

यूजीसी-नेट देशभर में जूनियर रिसर्च फेलोशिप, सहायक प्रोफेसर पद और पीएचडी प्रवेश के लिए महत्वपूर्ण परीक्षा है। ऐसे में प्रश्नपत्रों में गड़बड़ी सामने आने से एनटीए की कार्यप्रणाली और परीक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। सरकार का जोर अब परीक्षा प्रक्रिया को अधिक भरोसेमंद, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने पर है।

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