बीजिंग: प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे तिब्बत में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। हाल में भीषण बाढ़ की मार झेल रहे क्षेत्र में भूकंप आने से लोगों में चिंता बढ़ गई। भूकंप का केंद्र जमीन के करीब 10 किलोमीटर नीचे बताया गया है।
भूकंप के झटके तिब्बत के कुछ हिस्सों में महसूस किए गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता ऐसी थी कि स्थानीय स्तर पर लोगों ने कंपन महसूस किया। फिलहाल इस घटना में किसी बड़े नुकसान या जनहानि की तत्काल सूचना सामने नहीं आई है।
तिब्बत और हिमालयी क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव के कारण इस पूरे क्षेत्र में लगातार भूकंपीय गतिविधियां होती रहती हैं। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के रिकॉर्ड में भी तिब्बत क्षेत्र में हाल के दिनों में कई भूकंपीय घटनाएं दर्ज की गई हैं।
गौरतलब है कि तिब्बत में इससे पहले भी बड़े भूकंपों के कारण भारी तबाही हो चुकी है। जनवरी 2025 में दक्षिणी तिब्बत में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद कई आफ्टरशॉक दर्ज किए गए थे। उस दौरान बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ था।
हालिया भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। भूकंप के बाद किसी तरह के नुकसान की विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भूकंप की गहराई और तीव्रता के साथ-साथ उसका आबादी वाले क्षेत्रों से कितना नजदीक होना भी नुकसान का प्रमुख कारण होता है। 10 किलोमीटर की गहराई को आम तौर पर उथला भूकंप माना जाता है, हालांकि केवल गहराई के आधार पर नुकसान का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।





