मुंबई। साइबर अपराधियों ने एक बार फिर कॉरपोरेट जगत को निशाना बनाते हुए INOX समूह के एक वरिष्ठ अधिकारी से करीब 10 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने कंपनी के शीर्ष अधिकारी के नाम और पहचान का इस्तेमाल कर फर्जी संदेश भेजा और विश्वास में लेकर बड़ी रकम विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा ली।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित अधिकारी को उनके कथित बॉस के नाम से एक संदेश प्राप्त हुआ। संदेश में कंपनी से जुड़े एक जरूरी वित्तीय लेनदेन का हवाला देते हुए तत्काल भुगतान करने को कहा गया। चूंकि संदेश वरिष्ठ अधिकारी के नाम से आया था, इसलिए पीड़ित को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ और उन्होंने निर्देशों का पालन करते हुए कई किश्तों में रकम ट्रांसफर कर दी।
बाद में जब वास्तविक अधिकारी से बातचीत हुई तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद कंपनी प्रबंधन ने तत्काल पुलिस से संपर्क किया और साइबर अपराध का मामला दर्ज कराया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ठगों ने सोशल इंजीनियरिंग और डिजिटल पहचान की नकल कर इस वारदात को अंजाम दिया।
मुंबई पुलिस की साइबर सेल मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि धनराशि जिन खातों में भेजी गई, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है और रकम को ट्रैक करने का प्रयास किया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि अपराधियों ने कंपनी के आंतरिक संचार और अधिकारियों की जानकारी कैसे हासिल की।
साइबर विशेषज्ञों ने इस घटना को कॉरपोरेट सेक्टर के लिए चेतावनी बताया है। उनका कहना है कि किसी भी बड़े वित्तीय लेनदेन से पहले बहुस्तरीय सत्यापन प्रक्रिया अपनाना आवश्यक है। साथ ही केवल संदेश या ईमेल के आधार पर भुगतान संबंधी निर्देशों का पालन करने से बचना चाहिए।
हाल के वर्षों में देश में इस तरह की साइबर ठगी के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है, जिसमें अपराधी वरिष्ठ अधिकारियों की पहचान का दुरुपयोग कर कर्मचारियों या वित्तीय अधिकारियों को निशाना बनाते हैं। पुलिस ने कंपनियों और आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।





