मुंबई। विमानन कंपनी स्पाइसजेट एक बार फिर वित्तीय और परिचालन संबंधी चुनौतियों को लेकर चर्चा में है। कंपनी के क्यू400 विमान बेड़े से जुड़े करीब 40 पायलटों ने बकाया वेतन का भुगतान होने तक उड़ान भरने से इनकार कर दिया है। पायलटों के इस कदम को एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एएलपीए इंडिया) का समर्थन मिला है।
सूत्रों के मुताबिक, पायलटों ने हाल ही में अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि वेतन का बकाया मिलने तक वे उड़ान संचालन में हिस्सा नहीं लेंगे। हालांकि, इस घटनाक्रम से जुड़ी विस्तृत जानकारी तत्काल सामने नहीं आई है।
पायलट संगठन ने दिया समर्थन
एएलपीए इंडिया ने 9 अक्टूबर को अपने सदस्यों और विमानन क्षेत्र से जुड़े लोगों को लिखे पत्र में पायलटों के प्रति एकजुटता जताई। संगठन ने कहा कि वह बकाया भुगतान के मुद्दे का निष्पक्ष और रचनात्मक समाधान निकालने के लिए पायलटों को नैतिक समर्थन देने के साथ जरूरी पेशेवर और परामर्श संबंधी सहायता भी उपलब्ध कराएगा।
संगठन के अनुसार, पायलट अपने वैध अधिकारों, पेशेवर सम्मान और विमानन सुरक्षा के उच्च मानकों की रक्षा के लिए यह कदम उठा रहे हैं। संगठन ने यह भी चिंता जताई कि लगातार बनी वित्तीय और परिचालन संबंधी परेशानियों के कारण कर्मचारियों के बीच तनाव और अनिश्चितता का माहौल है।
वित्तीय संकट से जूझ रही एयरलाइन
स्पाइसजेट पिछले कई महीनों से वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही है। विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) भी कंपनी की गतिविधियों पर नजर रख रहा है।
विमान बेड़े से संबंधित उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कंपनी के पास 10 परिचालन विमान हैं, जिनमें दो क्यू400 विमान शामिल हैं, जबकि 37 विमान खड़े हैं।
पायलटों के वेतन भुगतान को लेकर उठे इस कदम से कंपनी की परिचालन स्थिति पर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल, बकाया वेतन के भुगतान और विवाद के समाधान को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट नहीं है।





