नई दिल्ली। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में जारी हिंसा और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान से जवाबदेही तय करने को कहा है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस के प्रवक्ता ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ की गई किसी भी कार्रवाई की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। साथ ही लोगों के अधिकारों और शांतिपूर्ण सभा की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए।
पीओके में पिछले दिनों विरोध प्रदर्शनों के दौरान तनाव बढ़ा है। स्थानीय लोगों की ओर से आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किए गए। स्थिति बिगड़ने के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठे हैं।
इंटरनेट और सभा पर प्रतिबंध को लेकर चिंता
संयुक्त राष्ट्र ने क्षेत्र में सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध और इंटरनेट सेवाओं में व्यवधान को लेकर भी चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों के अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए और किसी भी कार्रवाई में कानून एवं मानवाधिकार मानकों का पालन होना जरूरी है।
पीओके में स्थिति को लेकर अमेरिका ने भी पाकिस्तान से संयम बरतने और कानून के मुताबिक कार्रवाई करने की अपील की है। अमेरिकी पक्ष ने शांतिपूर्ण तरीके से स्थिति संभालने और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया है।
बढ़ती हिंसा पर अंतरराष्ट्रीय नजर
पीओके में जारी घटनाक्रम के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें पाकिस्तान की कार्रवाई पर टिकी हैं। रिपोर्टों के अनुसार, हालिया हिंसा में बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने और घायल होने की खबरें सामने आई हैं।
संयुक्त राष्ट्र की ताजा टिप्पणी से पाकिस्तान पर क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ मानवाधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ सकता है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की स्थिति में जवाबदेही जरूरी है।





