चंपावत: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मानव और वन्यजीव संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसी बीच चंपावत जिले के सिमल्टा गांव से एक बेहद चौंकाने वाली और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां रात के समय एक खूंखार तेंदुआ (गुलदार) घर के भीतर घुस गया और टीवी देख रहे एक बुजुर्ग पर जानलेवा हमला कर दिया. लेकिन, मौके पर मौजूद बहादुर बेटी ने साहस का परिचय देते हुए न सिर्फ अपने पिता को मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाला, बल्कि हमलावर तेंदुए को कमरे के अंदर ही कैद कर दिया.
कुत्ते का पीछा करते हुए घर में घुसा तेंदुआ
मिली जानकारी के अनुसार, सिमल्टा गांव निवासी सुरेश चंद्र पांडेय रात के समय अपने घर के कमरे में आराम से टीवी देख रहे थे. इसी दौरान एक आवारा या पालतू कुत्ते का पीछा करते हुए खूंखार तेंदुआ अचानक उनके घर के खुले दरवाजे से भीतर दाखिल हो गया. इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, वन्यजीव ने सीधे टीवी देख रहे बुजुर्ग सुरेश चंद्र पांडेय पर छलांग लगा दी और उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया.
ढाल बनकर खड़ी हुई बेटी, तेंदुए को किया कमरे में बंद
तेंदुए के हमले और पिता की चीख-पुकार सुनकर पास ही मौजूद उनकी शादीशुदा बेटी किरण पांडे (जो इन दिनों अपने मायके आई हुई थी) बिना एक पल गंवाए कमरे की तरफ दौड़ी. सामने साक्षात मौत के रूप में तेंदुए को देखकर भी किरण के कदम डगमगाए नहीं. उसने अदम्य साहस दिखाते हुए अकेले ही खूंखार तेंदुए से मोर्चा ले लिया और उसे पिता से दूर धकेल दिया.
जैसे ही पिता तेंदुए के चंगुल से छूटे, किरण उन्हें खींचकर तुरंत कमरे से बाहर ले आई. इसके बाद बेटी ने गजब की सूझबूझ दिखाई और फुर्ती से कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया. इस तरह हमलावर तेंदुआ उसी कमरे के भीतर कैद होकर रह गया.
वन विभाग ने रेस्क्यू कर पिंजरे में किया कैद
सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम पिंजरा और जाल लेकर सिमल्टा गांव स्थित पीड़ित के घर पहुंची. विभाग की टीम ने बेहद सतर्कता बरतते हुए बंद कमरे के मुहाने पर पिंजरा लगाया. काफी मशक्कत और देर रात तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद आखिरकार तेंदुए को पिंजरे में कैद कर लिया गया. वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया है, जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है.





