Top 5 This Week

Related Posts

श्रीहरिकोटा से उड़ा ‘विक्रम-1’, भारत का पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट रचा इतिहास

श्रीहरिकोटा। भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपने पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ का सफल प्रक्षेपण कर दिया। हैदराबाद स्थित निजी अंतरिक्ष कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित इस रॉकेट का प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया गया। मिशन की सफलता के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जहां निजी कंपनी ने स्वदेशी ऑर्बिटल रॉकेट को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में पहुंचाया।

‘मिशन आगमन’ नाम से संचालित इस उड़ान में विक्रम-1 ने निर्धारित समय के भीतर अपने सभी चरण सफलतापूर्वक पूरे किए और विभिन्न ग्राहक पेलोड को पृथ्वी की निचली कक्षा (लो अर्थ ऑर्बिट) में स्थापित किया। यह मिशन भारत के निजी अंतरिक्ष उद्योग के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है और इससे वैश्विक व्यावसायिक प्रक्षेपण बाजार में देश की स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है।

करीब 22 मीटर लंबे विक्रम-1 रॉकेट को छोटे उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए विकसित किया गया है। इसकी वहन क्षमता लगभग 350 किलोग्राम तक है। रॉकेट में कई स्वदेशी और अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है, जिनमें 3डी-प्रिंटेड इंजन भी शामिल हैं।

मिशन की सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई प्रमुख हस्तियों ने स्काईरूट एयरोस्पेस की टीम को बधाई दी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी को नई गति देगी और भविष्य में देश के लिए अधिक व्यावसायिक अवसरों के द्वार खोलेगी।

गौरतलब है कि वर्ष 2020 में अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों के लिए अवसर खोलने के बाद भारत में स्पेस स्टार्टअप तेजी से उभरे हैं। विक्रम-1 की सफलता इस नीति का सबसे बड़ा परिणाम मानी जा रही है और इससे भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण बढ़त मिली है।

Popular Articles