एम्स्टर्डम। अमेरिका में उच्च शिक्षा के लिए जा रहे एक भारतीय छात्र को नीदरलैंड के एम्स्टर्डम एयरपोर्ट पर उस समय बड़ा झटका लगा जब उसे अमेरिका की यात्रा से रोक दिया गया। छात्र को जानकारी दी गई कि उसका F-1 छात्र वीज़ा पहले ही 2025 में रद्द किया जा चुका था, जिसकी उसे कोई जानकारी नहीं थी।
जानकारी के अनुसार, छात्र भारत से अमेरिका के लिए रवाना हुआ था और उसका अगला ट्रांजिट स्टॉप एम्स्टर्डम में था। वहीं पर एयरपोर्ट अधिकारियों और अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों की जांच के दौरान यह सामने आया कि उसका वीज़ा वैध नहीं है। इसके बाद उसे आगे की यात्रा की अनुमति नहीं दी गई और उसे भारत वापस भेज दिया गया।
छात्र ने दावा किया कि उसे वीज़ा रद्द किए जाने की कोई सूचना नहीं मिली थी, जिससे वह पूरी तरह अनजान था। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के बीच चिंता बढ़ा दी है, खासकर उन लोगों में जो अमेरिका में पढ़ाई के लिए F-1 वीज़ा पर निर्भर हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका में हाल के वर्षों में वीज़ा नियमों और इमिग्रेशन जांच को लेकर सख्ती बढ़ी है। कई मामलों में छोटे नियम उल्लंघन या प्रशासनिक कारणों से भी छात्र वीज़ा रद्द किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में SEVIS रिकॉर्ड और वीज़ा स्टेटस की नियमित जांच बेहद जरूरी है, ताकि यात्रा से पहले किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।
इस घटना के बाद छात्र संगठनों ने सलाह दी है कि विदेश जाने से पहले सभी दस्तावेज, वीज़ा स्टेटस और विश्वविद्यालय की ओर से जारी I-20 फॉर्म की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए। साथ ही, किसी भी बदलाव की स्थिति में संबंधित यूनिवर्सिटी और दूतावास से तुरंत संपर्क करना चाहिए।
फिलहाल, यह मामला अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है कि वीज़ा संबंधी छोटी सी चूक भी बड़ी समस्या में बदल सकती है।





