नैनीताल। उत्तराखंड से जुड़े पूर्व सैन्य अधिकारी कैप्टन अजय के ब्रिटेन में हिरासत में लिए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। उनकी रिहाई को लेकर अब मामला भारत सरकार के उच्च स्तर तक पहुंच गया है और पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) से हस्तक्षेप की मांग की गई है।
जानकारी के अनुसार, कैप्टन अजय को ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा किसी कानूनी प्रक्रिया के तहत हिरासत में लिया गया है। हालांकि अभी तक उनकी गिरफ्तारी के पीछे के स्पष्ट कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। मामले के सामने आने के बाद उनके परिजन और समर्थक लगातार उनकी सुरक्षित रिहाई की मांग कर रहे हैं।
परिजनों ने विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप की अपील की है। उनका कहना है कि कैप्टन अजय एक पूर्व सैन्य अधिकारी हैं और उनका जीवन अनुशासित सेवा से जुड़ा रहा है, ऐसे में उनकी हिरासत को लेकर पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
इस घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। कई संगठनों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह ब्रिटिश प्रशासन से बातचीत कर मामले को शीघ्र सुलझाए और कैप्टन अजय की रिहाई सुनिश्चित करे।
सूत्रों के अनुसार, भारतीय अधिकारियों ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है और ब्रिटिश प्रशासन से संपर्क साधने की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि अब तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
परिवार का कहना है कि उन्हें लगातार अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है और वे जल्द से जल्द अपने परिजन की सुरक्षित वापसी चाहते हैं। वहीं, स्थानीय स्तर पर भी लोगों ने इस मुद्दे को लेकर चिंता जताई है और सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, मामला कूटनीतिक स्तर पर आगे बढ़ रहा है और सभी की नजरें भारत सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।





