Top 5 This Week

Related Posts

नई यालू नदी के पुल से चीन पहुंचे किम जोंग उन, 12 साल बाद खुला था रास्ता; चीन के साथ रिश्ते मजबूत करने की कोशिश

बीजिंग/सियोल। उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन शनिवार को नए यालू नदी पुल के रास्ते चीन के सीमावर्ती शहर डांडोंग पहुंचे। दक्षिण कोरियाई सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह एक साल से अधिक समय बाद उनकी चीन की पहली यात्रा है। उनकी इस यात्रा को उत्तर कोरिया और चीन के बीच आर्थिक एवं रणनीतिक संबंध मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

12 साल बाद शुरू हुआ पुल से आवागमन

नया यालू नदी पुल उत्तर कोरिया के सिनुइजू शहर को चीन के लियाओनिंग प्रांत के डांडोंग से जोड़ता है। करीब तीन किलोमीटर लंबा और चार लेन वाला यह पुल 2014 में बनकर तैयार हो गया था, लेकिन उत्तर कोरिया की ओर संपर्क सड़कें और सीमा शुल्क से जुड़ी सुविधाएं पूरी नहीं होने के कारण इसका इस्तेमाल शुरू नहीं हो पाया था। 15 अक्टूबर 2026 को इसे औपचारिक रूप से खोल दिया गया।

इस पुल से दोनों देशों के बीच माल ढुलाई और व्यापार को गति मिलने की उम्मीद है। इसके जरिए भारी मशीनरी, कच्चे माल और ऊर्जा संसाधनों की आवाजाही आसान हो सकती है।

चीनी प्रधानमंत्री से मुलाकात की खबर

दक्षिण कोरिया की समाचार एजेंसी योनहाप के अनुसार, चीन के प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने डांडोंग में किम जोंग उन से मुलाकात की। हालांकि, शनिवार को चीन और उत्तर कोरिया की ओर से यात्रा के उद्देश्य और कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। यह भी स्पष्ट नहीं था कि किम चीन के अन्य शहरों का दौरा करेंगे या राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात होगी।

किम की यह यात्रा 25 अक्टूबर को कोरियाई युद्ध में चीन की भागीदारी की वर्षगांठ से ठीक पहले हुई है। पिछली बार उन्होंने सितंबर 2025 में बीजिंग का दौरा किया था, जहां उनकी मुलाकात शी जिनपिंग से हुई थी।

रूस से बढ़ती नजदीकी के बीच चीन का महत्व

पिछले कुछ वर्षों में उत्तर कोरिया ने रूस के साथ अपने सैन्य और आर्थिक संबंध मजबूत किए हैं। यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में रूस के साथ बढ़ते सहयोग ने प्योंगयांग की विदेश नीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इसके बावजूद चीन उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और प्रमुख आर्थिक सहयोगी बना हुआ है।

विशेषज्ञों के अनुसार, नए पुल के खुलने से दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ सकता है और चीन के साथ उत्तर कोरिया के संबंधों को नई दिशा मिल सकती है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध और क्षेत्रीय तनाव व्यापार की गति को प्रभावित कर सकते हैं।

किम जोंग उन की इस यात्रा को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब उत्तर कोरिया चीन और रूस दोनों के साथ अपने संबंधों को संतुलित करते हुए आर्थिक तथा रणनीतिक लाभ हासिल करने की कोशिश कर रहा है।

Popular Articles