तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने दावा किया है कि देश के दुश्मनों ने ईरान को सीरिया जैसी स्थिति में पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन वे अपने मकसद में सफल नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि ईरानी जनता की एकजुटता और देश की मजबूती ने इन प्रयासों को विफल कर दिया।
पेजेशकियन ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध, प्रतिबंधों और राजनीतिक दबाव के जरिए अस्थिरता पैदा करने की कोशिशें की गईं। उन्होंने कहा कि देश ने इन चुनौतियों का सामना एकता और धैर्य के साथ किया।
ईरानी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय एकता को सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि बाहरी दबावों के बावजूद ईरान ने अपनी संप्रभुता और स्थिरता बनाए रखी है। पेजेशकियन ने देश के लोगों से आंतरिक मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देने की अपील की।
गौरतलब है कि ईरान लंबे समय से पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों और क्षेत्रीय तनावों का सामना कर रहा है। राष्ट्रपति पेजेशकियन ने अपने कार्यकाल के दौरान कूटनीतिक रास्तों और संवाद की जरूरत पर भी जोर दिया है। हालांकि, ईरान की विदेश नीति और सुरक्षा मामलों में सत्ता के विभिन्न केंद्रों के बीच संतुलन बनाना उनके लिए एक बड़ी चुनौती माना जाता है।
पेजेशकियन ने अपने बयान में ईरान की राजनीतिक और सामाजिक स्थिरता का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को कमजोर करने की कोशिशों के बावजूद जनता ने एकजुट होकर जवाब दिया है। उन्होंने क्षेत्रीय परिस्थितियों के बीच राष्ट्रीय एकता को भविष्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया।
विशेषज्ञों के अनुसार, राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव और क्षेत्रीय समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। ईरान अपनी आंतरिक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेकर लगातार रणनीति बना रहा है।




