न्यूयॉर्क। अमेरिका के इतिहास के सबसे भयावह आतंकी हमले 9/11 की 25वीं बरसी पर देश ने करीब 3,000 मृतकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। न्यूयॉर्क के ग्राउंड जीरो से लेकर पेंटागन और पेंसिल्वेनिया के शैंक्सविले तक स्मृति कार्यक्रम आयोजित किए गए। पीड़ितों के स्वजन, राजनीतिक नेताओं और आम नागरिकों ने हमले में जान गंवाने वालों को याद किया।
ग्राउंड जीरो पर भावुक माहौल
न्यूयॉर्क के लोअर मैनहट्टन स्थित ग्राउंड जीरो पर पीड़ितों के परिजनों ने मृतकों के नाम पढ़े। कार्यक्रम में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ चार पूर्व राष्ट्रपति भी शामिल हुए। हमले के अलग-अलग समय और ट्विन टावर के गिरने की घटनाओं को याद करते हुए मौन रखा गया। इस वर्ष 9/11 से जुड़ी बीमारियों के कारण बाद में जान गंवाने वालों के सम्मान में भी एक अतिरिक्त मौन रखा गया।
चार विमानों से किया गया था हमला
11 सितंबर 2001 को अलकायदा के आतंकियों ने चार यात्री विमानों का अपहरण कर अमेरिका पर हमला किया था। दो विमान न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावर से टकराए, जिसके बाद दोनों इमारतें ढह गईं। तीसरा विमान अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट 77 था, जिसे वर्जीनिया के अर्लिंगटन स्थित पेंटागन से टकराया गया। इस हमले में 184 लोगों की मौत हुई।
चौथा विमान यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट 93 था। यात्रियों ने आतंकियों के खिलाफ प्रतिरोध किया, जिसके बाद विमान पेंसिल्वेनिया के शैंक्सविले के पास एक मैदान में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। माना जाता है कि विमान का संभावित लक्ष्य वाशिंगटन था।
आज भी जारी है 9/11 का असर
25 साल बाद भी इस हमले का असर अमेरिका में महसूस किया जाता है। हजारों बचावकर्मियों और अन्य लोगों पर हमले के बाद फैली जहरीली धूल और प्रदूषकों का स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ा। इस बरसी पर अमेरिकी संस्थाओं ने पीड़ितों, बचावकर्मियों और उनके परिवारों की कुर्बानी को याद करते हुए आने वाली पीढ़ियों तक 9/11 की स्मृतियां और उससे मिली सीख पहुंचाने का संकल्प दोहराया।





