नई दिल्ली। अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को करारी हार मिलने के बाद वैश्विक और भारतीय कमोडिटी बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली है। चुनाव परिणाम सामने आते ही कीमती धातुओं के दाम तेजी से बढ़ गए। इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू वायदा बाजार तक दिखाई दिया।
अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट में 51 सीटें और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में 218 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। इस राजनीतिक बदलाव के बाद निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोने और चांदी की ओर रुख किया।
सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी तेजी
अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स में सोने की कीमत करीब 2 प्रतिशत बढ़कर 4,017 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई। वहीं चांदी में लगभग 3 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और कीमत 51 डॉलर प्रति औंस के ऊपर निकल गई।
भारतीय वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर भी तेजी का असर देखने को मिला। सुबह करीब 11:45 बजे सोना 1.73 प्रतिशत यानी 2,500 रुपये की बढ़त के साथ 1,41,990 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
वहीं चांदी की कीमत में 3.10 प्रतिशत की तेजी आई। चांदी 5,575 रुपये महंगी होकर 1,85,499 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
क्यों बढ़े सोने-चांदी के दाम?
कमोडिटी विशेषज्ञ अनुज गुप्ता के मुताबिक, अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की पार्टी की हार का असर कीमती धातुओं पर पड़ा है। अमेरिकी राजनीति में बदलाव से आर्थिक नीतियों और वैश्विक बाजार को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। इसके अलावा मिडिल ईस्ट में जारी तनाव कम होने की संभावनाओं को लेकर भी बाजार में हलचल है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव भी सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल और भू-राजनीतिक घटनाक्रम से इनकी कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।





