बेंगलुरु। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने जेल में बंद पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के पास कथित तौर पर मोबाइल फोन मिलने के मामले में सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रज्वल रेवन्ना दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद जेल में सजा काट रहे हैं। इसी दौरान उनका कथित वीडियो सामने आया, जिसमें उनके पास मोबाइल फोन होने का दावा किया गया। घटना के सामने आने के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों को मोबाइल फोन उपलब्ध होने को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
प्रियांक खरगे ने कहा कि जेल में मोबाइल फोन पहुंचने का मामला गंभीर है। यह पता लगाया जाएगा कि फोन रेवन्ना तक कैसे पहुंचा और इसमें किसी अधिकारी या जेलकर्मी की भूमिका थी या नहीं। जांच में यदि किसी की लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने इस मामले में किसी भी अधिकारी को पहले से दोषी ठहराने से इनकार करते हुए कहा कि जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। सरकार का रुख है कि जेल के अंदर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
जेल प्रशासन पर उठे सवाल
प्रज्वल रेवन्ना के पास फोन मिलने के दावे के बाद जेल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। जेल में मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित है और ऐसे में फोन की मौजूदगी को सुरक्षा में गंभीर चूक के तौर पर देखा जा रहा है।
सरकार ने मामले की जांच के जरिए यह पता लगाने पर जोर दिया है कि फोन जेल परिसर में कैसे पहुंचा और क्या किसी ने नियमों को दरकिनार कर रेवन्ना को सुविधा उपलब्ध कराई। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते हैं और उनके खिलाफ यौन अपराध से जुड़े मामले में अदालत का फैसला आ चुका है। इस नए घटनाक्रम ने कर्नाटक की राजनीति में भी चर्चा तेज कर दी है।





