चमोली, कर्णप्रयाग (उत्तराखंड)। कर्णप्रयाग क्षेत्र के जंगल में सोमवार रात अचानक आग लग गई, जो पूरी रात धधकती रही। स्थानीय लोगों और वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग के कारण आसपास के इलाके में धुआँ फैल गया और कई गांवों में खौफ का माहौल रहा।
स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत दमकल और वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम रातभर आग बुझाने का प्रयास करती रही। अधिकारियों के अनुसार, आग की वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक रिपोर्ट में संकेत मिले हैं कि आग प्राकृतिक कारणों या लापरवाही के चलते लगी हो सकती है।
वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि आग से जंगल की काफी भाग जली है, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे जंगल के पास किसी तरह की आग या धुआँ फैलाने वाले काम से बचें और तुरंत वन विभाग को सूचित करें।
स्थानीय प्रशासन ने भी आग की स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी है और दमकल टीमों को तैनात किया गया है। आसपास के इलाकों में जंगल की आग से बचाव के लिए अलर्ट जारी किया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में जंगलों में आग लगने की घटनाएँ बढ़ जाती हैं, इसलिए स्थानीय लोगों और प्रशासन को सतर्क रहने की आवश्यकता है। आग न केवल वन्यजीवों और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाती है, बल्कि इससे आसपास के गांवों और लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि आग बुझाने में उन्होंने भी भाग लिया और वन विभाग की टीम के साथ मिलकर अपने प्रयासों से आग पर नियंत्रण पाने की कोशिश की। अधिकारियों ने कहा कि आग बुझाने के बाद इलाके की स्थिति का मुआयना किया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
यह घटना जंगलों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को दोबारा रेखांकित करती है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में आग से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय और निगरानी और सख्त की जाएगी।




