नई दिल्ली। ऑनलाइन ग्रॉसरी और फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर खाद्य सुरक्षा को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सख्त रुख अपनाया है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं की सेहत से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऑनलाइन माध्यम से खाद्य पदार्थ बेचने वाली कंपनियों को खाद्य सुरक्षा और लेबलिंग से जुड़े नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा।
FSSAI की निगरानी में ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी शामिल हैं। कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध खाद्य उत्पाद सुरक्षित हों और उन पर जरूरी जानकारी सही तरीके से उपलब्ध कराई जाए। उपभोक्ताओं को खरीदारी से पहले उत्पाद की पहचान, पैकिंग, निर्माण एवं एक्सपायरी जैसी आवश्यक जानकारी स्पष्ट रूप से मिलनी चाहिए।
खाद्य सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर संबंधित कंपनियों और खाद्य कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। हाल के दिनों में ऑनलाइन डिलीवरी और ई-कॉमर्स से जुड़े गोदामों तथा डार्क स्टोर्स पर भी जांच और छापेमारी तेज हुई है। कर्नाटक में अमेजन और इंस्टामार्ट से जुड़े डार्क स्टोर्स पर कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड और गलत लेबल वाले उत्पाद जब्त किए गए थे।
FSSAI का जोर इस बात पर है कि ऑनलाइन खरीदारी में सुविधा के साथ उपभोक्ता सुरक्षा भी सुनिश्चित हो। खाद्य उत्पादों की पूरी सप्लाई चेन में निगरानी और नियमों का पालन जरूरी है। इससे ग्राहकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के साथ ऑनलाइन खाद्य कारोबार में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
प्राधिकरण ने संकेत दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के प्रति किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। ऐसे में ई-कॉमर्स और फूड डिलीवरी कंपनियों के लिए खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना अब पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।





