कोलकाता में इस्कॉन की 55वीं वार्षिक रथ यात्रा का गुरुवार को भव्य शुभारंभ हुआ। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस्कॉन मंदिर पहुंचकर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा-अर्चना की और पारंपरिक रस्मों को निभाते हुए रथ की रस्सी खींचकर यात्रा का उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले भगवान राधा-माधव की आरती की। इसके बाद उन्होंने ‘छेरा पहरा’ परंपरा के तहत स्वर्ण झाड़ू से रथ के मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई की। इस रस्म को विनम्रता और सेवा भाव का प्रतीक माना जाता है। इसके बाद उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ मिलकर भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचा।
इस्कॉन की ओर से आयोजित इस रथ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यात्रा कोलकाता के दक्षिणी हिस्से से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मैदान क्षेत्र तक पहुंची। रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के विग्रहों को विशेष रूप से सजाए गए रथों पर विराजमान किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भगवान जगन्नाथ से राज्य और देश की खुशहाली की कामना की। उन्होंने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं के प्रसार में इस्कॉन के योगदान की सराहना की।
रथ यात्रा को देखते हुए कोलकाता में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भीड़ और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रबंध किए।
इस्कॉन की रथ यात्रा कोलकाता के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है। हर वर्ष देश-विदेश से श्रद्धालु इसमें शामिल होने पहुंचते हैं। इस बार भी यात्रा में भक्ति, संस्कृति और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला।





