नई दिल्ली। भारतीय नौसेना ने स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस मालवन के कमीशनिंग समारोह से पहले उसका आधिकारिक प्रतीक चिन्ह (क्रेस्ट) जारी किया है। इस क्रेस्ट में छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़ा पारंपरिक ‘बाघ नख’ दर्शाया गया है, जो साहस, फुर्ती और अदम्य पराक्रम का प्रतीक माना जाता है। नौसेना के अनुसार यह चिन्ह समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए हर समय सतर्क रहने और सटीक प्रहार करने के संकल्प को दर्शाता है।
आईएनएस मालवन माहे श्रेणी के एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW-SWC) का दूसरा पोत है। इसे 22 जुलाई को कोच्चि में भारतीय नौसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया जाएगा। समारोह में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह मुख्य अतिथि होंगे, जबकि पश्चिमी नौसैनिक कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।
कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में निर्मित यह युद्धपोत ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत तैयार किया गया है। स्वदेशी तकनीक और आधुनिक क्षमताओं से लैस यह पोत तटीय क्षेत्रों में पनडुब्बी रोधी अभियानों को और अधिक मजबूत बनाएगा। नौसेना का कहना है कि आईएनएस मालवन का क्रेस्ट भारत की समृद्ध समुद्री विरासत और आधुनिक रक्षा क्षमता का प्रतीक है।





