देहरादून। करीब 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के लुईस क्रेडिट कोऑपरेटिव (एलयूसीसी) पोंजी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने मामले से जुड़े लोगों और संस्थाओं की 30 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां फ्रीज की हैं। ईडी की इस कार्रवाई से घोटाले में शामिल आरोपितों पर शिकंजा और कस गया है।
ईडी की जांच के अनुसार, एलयूसीसी से जुड़े पोंजी नेटवर्क के माध्यम से बड़ी संख्या में निवेशकों से धन जुटाया गया। आरोप है कि निवेशकों को आकर्षक रिटर्न का भरोसा देकर रकम एकत्र की गई और बाद में इस धन के कथित तौर पर गलत इस्तेमाल तथा मनी लॉन्ड्रिंग की गई। मामले में एजेंसी वित्तीय लेनदेन और धन के इस्तेमाल की कड़ियों को खंगाल रही है।
जांच के दौरान सामने आए वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों के आधार पर ईडी ने कार्रवाई करते हुए 30 करोड़ रुपये से अधिक की परिसंपत्तियों को फ्रीज किया है। एजेंसी की कार्रवाई का उद्देश्य कथित अपराध से अर्जित संपत्तियों को आगे हस्तांतरित या नष्ट किए जाने से रोकना है।
यह मामला उत्तराखंड समेत कई क्षेत्रों में निवेशकों से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के कारण जांच एजेंसियों के निशाने पर है। इससे पहले भी एलयूसीसी मामले में अन्य जांच एजेंसियों की ओर से संपत्तियों पर कार्रवाई की जा चुकी है।
ईडी अब घोटाले में धन के स्रोत, निवेशकों से जुटाई गई रकम के प्रवाह और उससे बनाई गई संपत्तियों की पड़ताल कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और संपत्तियों तथा संदिग्ध लेनदेन पर कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।





