देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। नए उद्योग स्थापित करने के लिए करीब 4000 एकड़ औद्योगिक भूमि उपलब्ध कराने की तैयारी है। सरकार का लक्ष्य इस पहल के माध्यम से लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना और करीब एक लाख नए रोजगार के अवसर पैदा करना है।
सरकार की योजना के तहत उपलब्ध कराई जाने वाली भूमि पर स्थानीय जरूरत और औद्योगिक संभावनाओं के अनुरूप विभिन्न प्रकार की MSME इकाइयां स्थापित की जाएंगी। इससे प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
राज्य सरकार का फोकस केवल बड़े निवेश तक सीमित नहीं है। छोटे और मध्यम उद्यमों को बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की रणनीति पर भी जोर दिया जा रहा है। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से उत्पादन, सेवा और सप्लाई से जुड़े क्षेत्रों में भी अप्रत्यक्ष रोजगार बढ़ने की संभावना है।
उत्तराखंड की MSME नीति-2023 का उद्देश्य नए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की स्थापना, विस्तार और विविधीकरण को प्रोत्साहित करना है। नीति के तहत निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है।
सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में भी औद्योगिक गतिविधियां बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसके लिए निजी औद्योगिक क्षेत्रों के विकास की नीति में पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग भूमि संबंधी प्रावधान किए गए हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में छोटे औद्योगिक क्षेत्रों के जरिए MSME इकाइयों को जगह देने की व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ाना और रोजगार उपलब्ध कराना है।
4000 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने की पहल से प्रदेश में नए उद्यमियों और निवेशकों के लिए औद्योगिक जमीन की उपलब्धता बढ़ेगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे निवेश का माहौल मजबूत होगा और उत्तराखंड में उद्योगों के विस्तार के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।





