गुवाहाटी। असम सरकार ने बहुविवाह (पॉलीगैमी) पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से अपने बजट में सख्त प्रावधानों का प्रस्ताव रखा है। प्रस्ताव के अनुसार, एक से अधिक विवाह करने वाले व्यक्तियों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही यदि कोई सरकारी कर्मचारी बहुविवाह का दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
राज्य के वित्त मंत्री जयंता मल्ला बरुआ ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार लैंगिक न्याय, सामाजिक उत्तरदायित्व और पारदर्शी प्रशासन को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठा रही है। प्रस्तावित प्रावधानों का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना और बहुविवाह जैसी प्रथाओं को हतोत्साहित करना है।
बजट में यह भी संकेत दिया गया है कि सरकारी कर्मचारियों के लिए सेवा नियमों को और कड़ा किया जाएगा। यदि कोई कर्मचारी बहुविवाह करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के साथ नौकरी से हटाने तक की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। इसके अलावा ऐसे व्यक्तियों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से भी वंचित किए जाने का प्रस्ताव है।
असम सरकार पिछले कुछ वर्षों से बहुविवाह पर रोक लगाने की दिशा में लगातार कदम उठाती रही है। राज्य सरकार का कहना है कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक सुधार और समान नागरिक दायित्वों को मजबूत करने के लिए यह नीति आवश्यक है। सरकार ने पहले भी इस विषय पर विशेषज्ञ समिति गठित कर कानूनी पहलुओं का अध्ययन कराया था।
हालांकि, प्रस्तावित नियमों को लागू करने से पहले आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। विपक्षी दलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से इस प्रस्ताव पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। सरकार का कहना है कि अंतिम निर्णय सभी कानूनी पहलुओं और संवैधानिक प्रावधानों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।





