वॉशिंगटन: अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने अपनी ताजा मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। फेड ने प्रमुख ब्याज दर को 3.50 से 3.75 प्रतिशत के दायरे में बनाए रखने का फैसला किया। यह निर्णय महंगाई के दबाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच लिया गया है।
फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि बैंक का मुख्य लक्ष्य महंगाई को नियंत्रित करना और रोजगार बाजार में स्थिरता बनाए रखना है। हालांकि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मजबूती के संकेत हैं, लेकिन महंगाई अभी भी फेड के तय 2 प्रतिशत लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है।
फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने कहा कि केंद्रीय बैंक महंगाई पर काबू पाने के लिए अपनी नीति को लेकर सतर्क है। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में ब्याज दरों को लेकर फैसला आर्थिक आंकड़ों, खासकर महंगाई और रोजगार की स्थिति को देखते हुए लिया जाएगा।
बैठक में फेड अधिकारियों के बीच मतभेद भी सामने आए। कुछ सदस्यों ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी का समर्थन किया, जबकि बहुमत ने मौजूदा दरों को बनाए रखने का फैसला किया। यह संकेत देता है कि केंद्रीय बैंक के भीतर महंगाई को लेकर चिंता अभी भी बनी हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और वैश्विक तनावों ने महंगाई के जोखिम को बढ़ाया है। इसके बावजूद फेड ने तत्काल दर बढ़ाने के बजाय आर्थिक हालात पर नजर रखने का विकल्प चुना है।
फेड के इस फैसले का असर अमेरिकी बाजारों पर भी पड़ा। निवेशक अब आने वाले आर्थिक आंकड़ों और फेड की अगली बैठकों के संकेतों पर नजर रखेंगे। बाजार में यह चर्चा तेज हो गई है कि यदि महंगाई का दबाव जारी रहा तो आने वाले महीनों में ब्याज दरों में बदलाव किया जा सकता है।
फिलहाल फेड का रुख संतुलित नजर आ रहा है। केंद्रीय बैंक ने एक ओर आर्थिक विकास को समर्थन देने की कोशिश की है, वहीं दूसरी ओर महंगाई को नियंत्रित करने की अपनी प्राथमिकता भी बरकरार रखी है।





