नई दिल्ली: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, United States ने महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलसंधि (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण कड़ा कर दिया है। यह क्षेत्र दुनिया के प्रमुख तेल परिवहन मार्गों में शामिल है और इसके सुरक्षा नियंत्रण को लेकर अंतरराष्ट्रीय हलकों में चिंता बढ़ गई है।
अमेरिकी टीवी पर्सनैलिटी और कमेंटेटर पीट हेज़थ (Pete Hegseth) ने हाल ही में बयान में कहा कि अमेरिका का यह कदम ईरान की संभावित अतिक्रमण गतिविधियों और क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। उन्होंने कहा कि हॉर्मुज जलसंधि पर नियंत्रण से तेल आपूर्ति और वैश्विक ऊर्जा बाजार की सुरक्षा बनी रहेगी।
ईरान ने इस कदम पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए इसे “अवैध और तनावपूर्ण” करार दिया है। तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने क्षेत्र में सैन्य दबाव बनाए रखा तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि हॉर्मुज जलसंधि पर किसी भी तरह का संघर्ष वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित कर सकता है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों में रुकावटें पैदा कर सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच यह तनाव पिछले कुछ महीनों से बढ़ रहा है, और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर वैश्विक समुदाय की निगाहें इस क्षेत्र पर टिकी हुई हैं।
अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी नौसैनिक और सुरक्षा तैनाती बढ़ा दी है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सहयोगी देशों के साथ मिलकर रणनीति बनाई है।
इस बीच, वैश्विक तेल उत्पादक और उपभोक्ता देश स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। विश्लेषकों के अनुसार, हॉर्मुज जलसंधि पर नियंत्रण का मतलब केवल सैन्य रणनीति नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और भू-राजनीतिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश भी है।





