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हरिद्वार में विश्व के सबसे बड़े पारद शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा, निर्माण में लगे 10 वर्ष

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में विश्व के सबसे बड़े पारद शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। लगभग 5210 किलोग्राम वजनी इस विशाल पारद ध्यान लिंगम को तैयार करने में करीब 10 वर्षों का समय लगा। वर्षों के अनुसंधान, साधना और विशेष पारंपरिक तकनीकों के आधार पर इसका निर्माण किया गया है।

जानकारी के अनुसार, इस अद्वितीय शिवलिंग का निर्माण ध्यान गुरु रघुनाथ येमूल गुरुजी के नेतृत्व में किया गया। इसे हरिद्वार-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट स्थित शिरडी साई बाबा मंदिर परिसर में स्थापित किया गया है। निर्माण कार्य में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्राचीन रसायन शास्त्र के सिद्धांतों का भी उपयोग किया गया।

पारद शिवलिंग अपने विशाल आकार और वजन के कारण पहले ही इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड और एशिया वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान प्राप्त कर चुका है। इसे विश्व का सबसे बड़ा पारद शिवलिंग बताया जा रहा है तथा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल कराने की प्रक्रिया भी जारी है।

आयोजकों के अनुसार, शिवलिंग के निर्माण में लगभग 3333 किलोग्राम शुद्ध पारद का उपयोग किया गया है। इसकी ऊंचाई करीब 4.5 फीट है। धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस परियोजना को विश्व शांति और आध्यात्मिक जागरूकता के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

प्राण प्रतिष्ठा समारोह में संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं तथा विभिन्न क्षेत्रों की कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। आयोजन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच शिवलिंग का विधिवत अभिषेक और पूजन किया गया।

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