इस्लामाबाद/नई दिल्ली। सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को खुले तौर पर युद्ध की धमकी देते हुए कहा है कि यदि पाकिस्तान की जल सुरक्षा को खतरा पहुंचा या सिंधु नदी प्रणाली के जल प्रवाह को बाधित करने की कोशिश की गई, तो इस्लामाबाद सैन्य कार्रवाई सहित हर विकल्प पर विचार करेगा।
एक टीवी इंटरव्यू में ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पानी पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जिस क्षण पाकिस्तान को लगेगा कि उसकी जल सुरक्षा खतरे में है, वह भारत के खिलाफ युद्ध का रास्ता अपनाने से भी पीछे नहीं हटेगा। आसिफ ने आरोप लगाया कि भारत जल संसाधनों को “हथियार” की तरह इस्तेमाल कर रहा है और सिंधु जल संधि के प्रावधानों को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है।
पाकिस्तान की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को निलंबित कर रखा है। हाल के महीनों में भारत सरकार के कई वरिष्ठ नेताओं ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में पाकिस्तान को सिंधु नदी प्रणाली का पानी नहीं मिलने दिया जाएगा और जल संसाधनों का उपयोग भारत के भीतर किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान पहले से ही गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। देश के कई कृषि क्षेत्रों में पानी की भारी कमी दर्ज की जा रही है, जिससे वहां की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में सिंधु जल संधि का मुद्दा पाकिस्तान के लिए राजनीतिक और रणनीतिक दोनों दृष्टि से बेहद संवेदनशील बन गया है।
हालांकि, भारत की ओर से ख्वाजा आसिफ के ताजा बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन जानकारों का कहना है कि जल विवाद को लेकर दोनों देशों के बीच बयानबाजी तेज होने से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है। सिंधु जल संधि वर्षों से भारत-पाक संबंधों में एक महत्वपूर्ण समझौता रही है, लेकिन हालिया घटनाक्रमों ने इसके भविष्य पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।





