नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स (विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क) में बढ़ोतरी कर दी है। संशोधित दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। सरकार का यह फैसला अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और घरेलू ईंधन आपूर्ति को संतुलित बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाकर 3.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं डीजल पर कुल निर्यात शुल्क बढ़ाकर 25.5 रुपये प्रति लीटर और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर 22 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। ये संशोधित दरें तुरंत प्रभाव से लागू होंगी।
सरकार समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और रिफाइनिंग मार्जिन की समीक्षा के आधार पर विंडफॉल टैक्स में बदलाव करती है। जब वैश्विक बाजार में तेल कंपनियों को असाधारण लाभ होने की संभावना बढ़ती है, तब सरकार अतिरिक्त राजस्व जुटाने और घरेलू बाजार में पर्याप्त ईंधन उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह कर लगाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का सीधा असर घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह टैक्स केवल निर्यात होने वाले पेट्रोलियम उत्पादों पर लागू होता है। हालांकि, इससे तेल निर्यात करने वाली कंपनियों के मार्जिन पर कुछ प्रभाव पड़ सकता है।
गौरतलब है कि सरकार ने जुलाई 2022 में पहली बार विंडफॉल टैक्स लागू किया था। बाद में परिस्थितियों के अनुसार इसमें कई बार संशोधन किया गया। हाल के समय में पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता को देखते हुए सरकार लगातार इसकी समीक्षा कर रही है।





