नई दिल्ली। सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर सिटीजंस फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) ने देशव्यापी अभियान शुरू करने की घोषणा की है। संगठन की ओर से यह अभियान 15 अगस्त से शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य गांवों के सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार के लिए समुदाय को जागरूक करना और स्थानीय स्तर पर पहल को बढ़ावा देना है।
अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया जाएगा। स्कूल भवन, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, बिजली और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अन्य जरूरी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। संगठन का प्रयास इन समस्याओं को सामने लाकर स्थानीय समुदाय और संबंधित प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना है।
CJP का मानना है कि सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी जरूरी है। अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को स्कूलों की व्यवस्थाओं पर नजर रखने और जरूरत के अनुसार संबंधित अधिकारियों के समक्ष समस्याएं उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
15 अगस्त से शुरू होने वाले इस अभियान को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शिक्षा के अधिकार और समान अवसर के संदेश से भी जोड़ा गया है। संगठन का जोर इस बात पर है कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों को भी बेहतर शैक्षणिक वातावरण और जरूरी सुविधाएं मिलें।
CJP की इस पहल के जरिए सरकारी स्कूलों की आधारभूत स्थिति, शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के लिए अनुकूल माहौल जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में लाने की कोशिश की जाएगी। अभियान के दौरान सामने आने वाली समस्याओं और स्थानीय स्तर पर किए जाने वाले सुधारों को भी रेखांकित किया जाएगा।





