नई दिल्ली। कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्द्वानी में उनके कार्यक्रम के बाद हुए कथित शुद्धिकरण विवाद को लेकर कांग्रेस नेताओं की चुप्पी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उन्हें पार्टी नेताओं से अपेक्षित समर्थन नहीं मिला, जिससे वह आहत हुए हैं।
खरगे ने बैठक में इस घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में लंबे समय से सामाजिक भेदभाव और छुआछूत के खिलाफ संघर्ष किया जा रहा है। ऐसे में उनके कार्यक्रम के बाद किसी स्थान का कथित शुद्धिकरण किया जाना बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने पार्टी नेताओं से ऐसे मामलों पर मजबूती से आवाज उठाने की अपेक्षा जताई।
दरअसल, हल्द्वानी में खरगे के कार्यक्रम के बाद रामलीला मैदान में कथित तौर पर हवन और गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण किए जाने का मामला सामने आया था। घटना को लेकर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई थी और इसे दलित समाज के अपमान से जोड़ते हुए भाजपा पर निशाना साधा था।
CWC बैठक में खरगे की नाराजगी से यह संकेत मिला कि वह ऐसे मामलों में पार्टी की ओर से अधिक एकजुट और मुखर प्रतिक्रिया चाहते हैं। उन्होंने नेताओं की चुप्पी को लेकर अपनी भावनाएं स्पष्ट रूप से सामने रखीं।
शुद्धिकरण विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई है। कांग्रेस ने इसे सामाजिक भेदभाव और संविधान की भावना से जोड़कर विरोध जताया है, जबकि भाजपा की ओर से कांग्रेस के आरोपों पर राजनीतिक प्रतिक्रिया दी गई है।
कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से CWC की बैठक में मुद्दा उठाए जाने के बाद यह विवाद एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।





