नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के तीखे विरोध और नीट पेपर लीक समेत विभिन्न मुद्दों पर जारी राजनीतिक तनातनी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार की मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। संसद परिसर में हुई इस मुलाकात में पवार के साथ उनकी पुत्री और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले भी मौजूद थीं।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से मुलाकात की तस्वीरें साझा की गईं, जिनमें प्रधानमंत्री मोदी और शरद पवार आत्मीय अंदाज में बातचीत करते और मुस्कुराते नजर आए। हालांकि बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में मुलाकात को लेकर राजनीतिक अटकलों का दौर तेज हो गया है।
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब संसद के भीतर विपक्ष सरकार को नीट पेपर लीक, छात्र आंदोलन और अन्य मुद्दों पर घेर रहा है। एक दिन पहले शरद पवार ने छात्र प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की थी और उनकी मांगों का समर्थन किया था। उनकी प्रधानमंत्री से मुलाकात को इसी घटनाक्रम से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की ओर से कहा गया कि बैठक के दौरान शरद पवार ने छात्रों और प्रदर्शनकारियों की चिंताओं से प्रधानमंत्री को अवगत कराया। पार्टी का कहना है कि यह मुलाकात जनहित के मुद्दों को सरकार तक पहुंचाने के उद्देश्य से हुई और इसे किसी राजनीतिक समीकरण से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद के मौजूदा सत्र और आगामी महत्वपूर्ण विधेयकों के मद्देनजर इस मुलाकात के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। हालांकि न तो प्रधानमंत्री कार्यालय और न ही शरद पवार की ओर से किसी संभावित राजनीतिक समझ या भविष्य की रणनीति को लेकर कोई बयान दिया गया है।
संसद के भीतर जारी गतिरोध और बाहर विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों के बीच हुई यह मुलाकात फिलहाल राजनीतिक चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में इस मुलाकात का कोई ठोस राजनीतिक संकेत सामने आता है या नहीं।





