नई दिल्ली। ‘वंदे मातरम्’ को लेकर केरल में जारी विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा ने कहा कि राष्ट्रीय गीत को धर्म के चश्मे से देखना देश की एकता और राष्ट्रीय भावना के खिलाफ है। पार्टी ने इसे धर्म से जोड़ने की कोशिश को बंटवारे के बीज बोने के समान बताया।
विवाद की शुरुआत केरल विधानसभा में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के अभिभाषण से पहले ‘वंदे मातरम्’ के केवल शुरुआती अंतरों के वादन से हुई थी। राज्यपाल ने पूर्ण गीत नहीं बजाए जाने पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार पर राष्ट्रीय गीत का अपमान करने का आरोप लगाया।
भाजपा का कहना है कि ‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा राष्ट्रीय गीत है और इसे किसी एक धर्म से जोड़ना उचित नहीं है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से गीत के पूर्ण गायन को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है।
वहीं, केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने स्पष्ट किया था कि संसद द्वारा ऐसा कोई कानून नहीं बनाया गया है, जिसके तहत ‘वंदे मातरम्’ का पूरा गायन अनिवार्य हो। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कुछ दिशानिर्देश जरूर हैं।
दरअसल, केरल विधानसभा में मई में राज्यपाल के नीति अभिभाषण के दौरान पुलिस बैंड ने गीत के शुरुआती दो अंतरे ही बजाए थे। भाजपा ने इसे प्रोटोकॉल और राष्ट्रीय गीत के सम्मान से जोड़ते हुए सरकार को घेरा था।
अब स्वतंत्रता दिवस से पहले ‘वंदे मातरम्’ को लेकर बहस फिर तेज हो गई है। केंद्र की ओर से इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ को विशेष प्रमुखता दिए जाने के बीच भाजपा और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव बढ़ता दिख रहा है।





