मुंबई। महाराष्ट्र में दूध, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अधिकारियों को ऐसे मिलावटखोरों के खिलाफ परिस्थितियों के अनुसार महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि नागरिकों, खासकर बच्चों के स्वास्थ्य और जीवन से खिलवाड़ करने वालों के प्रति किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाए।
शिंदे ने यह निर्देश मुंबई के सह्याद्री अतिथिगृह में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग के कामकाज और ‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ के तहत वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों की समीक्षा के दौरान दिए। बैठक में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए की जा रही कार्रवाई का प्रस्तुतीकरण भी किया गया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट को महज सामान्य अपराध मानकर नहीं चलना चाहिए। यह सीधे लोगों के स्वास्थ्य और जीवन को प्रभावित करता है। उन्होंने विशेष रूप से मिलावटी दूध और नकली पनीर को लेकर चिंता जताई, क्योंकि इनका इस्तेमाल बड़ी संख्या में बच्चे भी करते हैं।
गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज करने के निर्देश
शिंदे ने मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ गैर-जमानती धाराओं में मामले दर्ज करने की दिशा में भी कदम उठाने को कहा। उन्होंने दोहराया कि बार-बार या संगठित तरीके से मिलावट करने वालों पर कानून का सख्त शिकंजा कसा जाना चाहिए।
उन्होंने खाद्य मिलावट से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई को मजबूत करने के निर्देश देते हुए कहा कि अदालत में मामले कमजोर न पड़ें। इसके लिए अनुभवी और वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञों की मदद लेने तथा एक विशेष कानूनी टीम गठित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि आरोपियों को कानूनी खामियों का लाभ न मिल सके।
सरकार के इस रुख से दूध, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों में संगठित रूप से मिलावट करने वालों पर कार्रवाई और तेज होने की संभावना है।





