रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राज्य जीएसटी विभाग ने कर चोरी, जुर्माना और ब्याज समेत करीब 517 करोड़ रुपये की वसूली का आदेश जारी किया है। विभाग के अनुसार, वर्ष 2021 से 2025 के बीच अवैध जर्दायुक्त गुटखे के निर्माण और बिक्री से करीब 317 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की गई।
विभाग ने कारोबारी को नोटिस जारी कर निर्धारित अवधि में राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। भुगतान नहीं करने पर संपत्तियों की कुर्की और नीलामी की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जांच एजेंसियों ने कारोबारी से जुड़ी 52 संपत्तियों की पहचान की है, जिनमें 12 संपत्तियां सीधे उसके नाम पर बताई गई हैं।
कई जिलों में बदलता रहा ठिकाना
जांच के मुताबिक, 2021 से 2025 के दौरान गुटखे का अवैध उत्पादन और सप्लाई छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों से की जाती थी। कार्रवाई से बचने के लिए उत्पादन केंद्र बदलते रहने का भी आरोप है। धमतरी, राजनांदगांव, दुर्ग और रायपुर के जोरा क्षेत्र में गुप्त रूप से इकाइयां संचालित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
अधिकारियों के अनुसार, उत्पादन और पैकेजिंग का काम मुख्य रूप से रात के समय किया जाता था। जून 2025 में दुर्ग और राजनांदगांव के संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी के दौरान 15 मशीनें मिली थीं। विभाग ने इन मशीनों की क्षमता और उत्पादन के आधार पर पिछले वर्षों के कारोबार का आकलन किया।
जांच में एक मशीन से प्रति मिनट करीब 250 पैकेट तैयार होने की बात सामने आई। विभाग के अनुसार, प्रतिदिन बड़ी मात्रा में ‘सितार’ ब्रांड के गुटखे की आपूर्ति की जाती थी और उत्पादन के लिए मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से कारीगर बुलाए गए थे।
जीएसटी चोरी के मामले में कारोबारी को गिरफ्तार भी किया गया था। बाद में करीब 100 दिन जेल में रहने के बाद उसे जमानत मिल गई। जांच के दौरान सील की गई एक फैक्ट्री से मशीनें और अन्य सामान गायब होने का मामला भी सामने आया था।
विभाग ने मामले में कुछ कर्मचारियों को सरकारी गवाह बनाया है। अब नोटिस की समयसीमा पूरी होने के बाद कारोबारी के खिलाफ आगे की वसूली कार्रवाई पर नजर रहेगी।





