संसद के आगामी मानसून सत्र में कांग्रेस राम मंदिर चढ़ावा चोरी के कथित मामले को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। पार्टी ने इस मुद्दे को श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा बताते हुए कहा है कि मंदिर में प्राप्त दान की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। कांग्रेस इस मामले में जवाबदेही तय करने और विस्तृत जांच की मांग करेगी।
कांग्रेस के अनुसार, अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास से जुड़ा विषय है। इसलिए सरकार को संसद में इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस इस मुद्दे के साथ-साथ मतदाता सूची पुनरीक्षण, महंगाई, बेरोजगारी, कृषि, शिक्षा और अन्य जनहित के विषयों पर भी सरकार को घेरने की रणनीति बना रही है। विपक्षी दलों के बीच इन मुद्दों पर समन्वय बनाने की भी कोशिश की जा रही है ताकि सदन में संयुक्त रूप से सरकार से जवाब मांगा जा सके।
उधर, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच जारी है। जांच एजेंसियां आरोपियों और उनसे जुड़े बैंक खातों की पड़ताल कर रही हैं। इस मामले में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं तथा जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। इसी बीच विपक्ष पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी में है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मानसून सत्र में राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस का कारण बन सकता है। कांग्रेस का उद्देश्य इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाकर सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करना है, जबकि भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की तैयारी में है।





