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रामनगर में तड़के चला बुलडोजर, 86 मकान जमींदोज; 14 हेक्टेयर वनभूमि कराई कब्जामुक्त

पुछड़ी बस्ती में सुबह पांच बजे शुरू हुआ बड़ा ध्वस्तीकरण अभियान, 14 सेक्टरों में एक साथ गरजीं जेसीबी; भारी पुलिस बल के साये में कार्रवाई

रामनगर। कोसी नदी किनारे सरकारी जमीन पर वर्षों से जमे अवैध कब्जों पर आखिरकार प्रशासन का बुलडोजर चल गया। सुबह की पहली किरण फूटने से पहले ही पुछड़ी बस्ती में मशीनों का शोर गूंजने लगा। वन विभाग की करीब 14 हेक्टेयर भूमि पर बने 86 पक्के मकानों को ध्वस्त कर प्रशासन ने जमीन अपने कब्जे में ले ली। तड़के पांच बजे शुरू हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हलचल मच गई।

प्रशासन के मुताबिक, वन विभाग, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने सभी विधिक औपचारिकताएं पूरी करने और पूर्व में मुनादी कराने के बाद अभियान शुरू किया। 14 सेक्टरों में एक साथ जेसीबी और बुलडोजर उतारे गए। कार्रवाई का मकसद वन विभाग की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना था।

14 सेक्टर, 86 मकान और बुलडोजरों की गूंज

कार्रवाई को व्यवस्थित तरीके से अंजाम देने के लिए पूरे क्षेत्र को 14 सेक्टरों में बांटा गया। एक साथ कई स्थानों पर ध्वस्तीकरण शुरू हुआ और देखते ही देखते 86 पक्के मकान जमींदोज कर दिए गए। प्रशासन का कहना है कि कब्जामुक्त कराई गई भूमि वन विभाग को सौंपकर सरकारी कब्जा बहाल किया जाएगा।

ताहिर मुल्ला की तलाश, भूखंड बेचने के आरोप

इस मामले में ताहिर मुल्ला नामक व्यक्ति पर वन भूमि बेचकर बस्ती बसाने के आरोप हैं। वन विभाग की ओर से उसके खिलाफ पुलिस और विभागीय स्तर पर कार्रवाई की गई है। पुलिस के मुताबिक उसकी तलाश जारी है। हालांकि, आरोपों और कथित राजनीतिक संरक्षण के संबंध में संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

सुरक्षा का ऐसा घेरा, परिंदा भी पर न मार सके!

ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के अनुसार पूरे क्षेत्र को दो सुपर जोन, सात जोन, 14 सेक्टर और छह बैरियर में बांटा गया। मौके पर पांच सेक्टर मजिस्ट्रेट, पांच एएसपी, छह सीओ, 25 इंस्पेक्टर, 82 दरोगा और पीएसी की तीन कंपनियां तैनात की गईं।

प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई के बाद पुछड़ी की वन भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है।

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