‘मराठा मिलिट्री लैंडस्केप्स’ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने इन 12 किलों के संरक्षण के लिए 10-वर्षीय व्यापक योजना तैयार की है। योजना में ऐतिहासिक विशेषताओं के संरक्षण, कचरा प्रबंधन, मानव संसाधन तैनाती और पर्यटन सुविधाओं के उन्नयन पर विशेष फोकस रहेगा। अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक किले की अलग विशिष्टता को ध्यान में रखते हुए स्थान-विशेष रणनीति अपनाई जाएगी।
इन किलों में महाराष्ट्र के साल्हेर, शिवनेरी, रायगढ़, प्रतापगढ़, लोहगढ़, विजयदुर्ग सहित तमिलनाडु का जिन्जी किला शामिल है। ये किले मराठा सैन्य स्थापत्य और रणनीतिक सोच का जीवंत प्रमाण हैं।





