नई दिल्ली: गर्मी और छुट्टियों के सीज़न में यात्रियों के लिए एयर यात्रा महंगी होती जा रही है। प्रमुख एयरलाइंस ने घरेलू उड़ानों की संख्या में कटौती की है, जिसके चलते टिकटों की कीमतों में भारी वृद्धि देखी जा रही है।
उड़ान उद्योग के सूत्रों के अनुसार, एयरलाइंस ने यात्रियों की बढ़ती मांग और ईंधन की बढ़ती कीमतों को देखते हुए कुछ कम मांग वाले रूट्स पर उड़ानों की संख्या घटा दी है। इसके परिणामस्वरूप यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए पहले से ही महंगे टिकट खरीदने पड़ रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों के मौसम और छुट्टियों के समय यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण एयरलाइंस अपने लाभ को सुरक्षित रखने के लिए कीमतें बढ़ा रही हैं। इसके अलावा ईंधन की बढ़ती लागत भी टिकटों के दाम बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रही है।
एयरलाइंस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमने कुछ कम यात्री प्रवाह वाले रूट्स पर उड़ानों की संख्या कम की है। यह कदम हमारी लागत और परिचालन संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक था। हालांकि, इस वजह से टिकटों की कीमतें बढ़ गई हैं।”
यात्रियों का कहना है कि गर्मियों की छुट्टियों में टिकटें पहले ही महंगी हो चुकी हैं, और इस कटौती के बाद टिकट बुक करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। कई यात्रियों ने ऑनलाइन बुकिंग और ओवरबुकिंग की समस्याओं का भी जिक्र किया है।
वित्तीय और यात्रा विश्लेषक इसे एयरलाइंस की रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं। उनका कहना है कि यह कदम लाभ कमाने और परिचालन लागत को संतुलित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या हर साल बढ़ रही है। इस वृद्धि के बावजूद, एयरलाइंस की सीमित उड़ानें और बढ़ती कीमतें यात्रियों के लिए भारी वित्तीय बोझ साबित हो रही हैं।
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि यात्रियों को अपनी यात्रा पहले से योजना बनाकर बुकिंग करनी चाहिए और संभावित उच्च दरों के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एयरलाइंस के पास आगामी महीनों में उड़ानों में फिर से वृद्धि करने की संभावना बनी हुई है, लेकिन कीमतें मौजूदा उच्च स्तर पर बनी रह सकती हैं।
इस गर्मी के मौसम में यात्रियों के लिए एयर यात्रा महंगी और चुनौतीपूर्ण हो गई है, और इससे घरेलू पर्यटन पर भी असर पड़ सकता है।






