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मुंबई पर गहराया जल संकट, झीलों का जलस्तर घटने पर BMC ने लगाए कड़े प्रतिबंध

मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई एक बार फिर गंभीर जल संकट का सामना कर रही है। शहर को पानी उपलब्ध कराने वाली सात प्रमुख झीलों में जल भंडार खतरनाक स्तर तक गिरने के बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने पानी की बचत के लिए सख्त कदम उठाए हैं। हालात को देखते हुए नए निर्माण स्थलों और स्विमिंग पूलों को पानी की आपूर्ति तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है, जबकि औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए जल आपूर्ति में 20 प्रतिशत कटौती का फैसला लिया गया है।

बीएमसी के अनुसार, मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाली सात झीलों में कुल जल भंडार घटकर लगभग 10 प्रतिशत के आसपास रह गया है। मानसून की धीमी शुरुआत और जलाशयों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने के कारण प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। इसी को देखते हुए जल संरक्षण के लिए आपात कदम उठाए गए हैं।

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो और कड़े प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं। जल संकट से निपटने के लिए बीएमसी लगातार जल भंडार की निगरानी कर रही है और वैकल्पिक जल स्रोतों की तलाश भी तेज कर दी गई है। पुराने कुओं के सर्वेक्षण और उनके पुनर्जीवन की योजना पर भी काम शुरू किया गया है, ताकि आपात स्थिति में अतिरिक्त जल उपलब्ध कराया जा सके।

मुंबई में पहले से ही पानी की कटौती लागू है और कई इलाकों में कम दबाव तथा अनियमित जल आपूर्ति की शिकायतें सामने आ रही हैं। नागरिकों से पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने और अनावश्यक बर्बादी रोकने की अपील की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ती आबादी, बढ़ते निर्माण कार्य, पाइपलाइन लीकेज और जल संसाधनों पर बढ़ते दबाव ने संकट को और गंभीर बना दिया है। ऐसे में केवल मानसून पर निर्भर रहने के बजाय दीर्घकालिक जल प्रबंधन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना आवश्यक होगा।

फिलहाल मुंबईवासियों की निगाहें मानसून पर टिकी हैं। यदि जल्द ही अच्छी बारिश नहीं हुई तो आने वाले सप्ताहों में शहर को और सख्त जल प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।

 

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