इंफाल। मणिपुर के सेनापति जिले में दो लापता युवकों के क्षत-विक्षत शव मिलने के बाद तनाव बढ़ गया है। घटना के विरोध में कांगपोकपी जिले में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हो गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। इस दौरान एक प्रदर्शनकारी के घायल होने की सूचना है।
पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान टी. चोंगलाई (21) और पाओगिनलाल हैंगशिंग (20) के रूप में हुई है। दोनों 29 अक्टूबर को कांगपोकपी जिले के ताफू कुकी गांव से लापता हो गए थे। रविवार को सेनापति जिले के एक केले के बागान में तलाशी अभियान के दौरान उनके शव बोरियों में बंद मिले। अभियान में मणिपुर पुलिस, सीआरपीएफ, असम राइफल्स और अन्य सुरक्षा बलों की टीमें शामिल थीं।
शव मिलने की खबर फैलते ही कांगपोकपी जिला मुख्यालय में लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि युवकों का अपहरण कर उनकी हत्या की गई है। कुछ स्थानों पर सड़कें जाम की गईं और टायर जलाए गए। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर पथराव भी किया, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया। इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
मणिपुर की उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने हत्याओं की निंदा करते हुए मामले की गहन जांच कराने और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है। वहीं, कांगपोकपी स्थित कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी ने दूसरे उपमुख्यमंत्री लोसीई दिक्खो के इस्तीफे की मांग की है। संगठन ने आरोपियों की गिरफ्तारी तक शवों का अंतिम संस्कार नहीं करने की बात भी कही है।
नागा पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन ने भी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है, ताकि घटना को लेकर किसी तरह की गलतफहमी या सामुदायिक तनाव न बढ़े।
गौरतलब है कि मणिपुर में कुकी और नागा समुदायों के बीच फरवरी से तनाव और हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। ताजा घटना ने राज्य में फिर से हालात बिगड़ने की आशंका बढ़ा दी है।





