नई दिल्ली। भारत और ब्रिटेन के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) बुधवार से लागू हो गया। इस समझौते के लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही भारत में ब्रिटेन से आयात होने वाले कई प्रीमियम उत्पादों की कीमतों में चरणबद्ध तरीके से कमी आएगी।
एफटीए के तहत स्कॉच व्हिस्की, प्रीमियम जिन, लग्जरी कारें, कॉस्मेटिक्स, फैशन उत्पाद, चॉकलेट और कुछ इलेक्ट्रॉनिक सामान पर आयात शुल्क धीरे-धीरे घटाया जाएगा। इससे आने वाले वर्षों में इन उत्पादों के भारतीय बाजार में सस्ते होने की संभावना है। लग्जरी कारों पर मौजूदा ऊंचे आयात शुल्क को चरणबद्ध तरीके से कम किया जाएगा, जबकि स्कॉच व्हिस्की पर भी शुल्क में उल्लेखनीय कटौती की गई है।
समझौते का सबसे बड़ा लाभ भारतीय निर्यातकों को भी मिलेगा। भारतीय वस्त्र, चमड़ा, इंजीनियरिंग, फार्मा, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में लगभग शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जिससे निर्यात बढ़ने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
सरकार का कहना है कि यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा, निवेश बढ़ाएगा और कारोबार को नई दिशा देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प और प्रतिस्पर्धी कीमतों का लाभ मिलेगा, जबकि भारतीय उद्योगों को वैश्विक बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का अवसर मिलेगा।




